राष्ट्रीय एडॉप्शन सम्मलेन, 2016 नयी दिल्ली


फैमिलीज़ ऑफ़ जॉय फाउंडेशन के परिवारों नें सभी हितधारकों के साथ मिलकर एडॉप्शन के विषय पर एक अनूठा सम्मलेन आयोजित किय. यह सम्मेलन विश्व स्तर पर स्वीकार किए गए दत्तक जागरूकता माह में आयोजित किया गया था और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, केंद्रीय दत्तक संसाधन प्राधिकरण (CARA), शिक्षकों, दत्तक एजेंसियों , दत्तक ग्रहण में वकील, चिकित्सा व्यवसायी, अभिभावक और युवाओं ने इसमें भाग लिया.

सुश्री लीना नायर, सचिव, महिला और बाल विकास मंत्रालय,मुख्य अतिथि थीं. अन्य वक्ताओं में कर्नल दीपक कुमार - CARA प्रमुख, सुश्री आभा सहगल - प्रिंसिपल (संस्कृति स्कूल), डॉ। विनिता भार्गव - शोधकर्ता और प्रोफेसर (लेडी इरविन कॉलेज) और डॉ सरस्वती श्रीनाथ - (संस्थापक, सुदात्ता) शामिल हुए.



Dignitaries

Panel
शिखर सम्मेलन का मुख्य आकर्षण एक सर्वसमावेशक चर्चा थी जिसमें गोद लेने वाले सभी हितधारकों के प्रतिनिधि थे, अर्थात् सुश्री रश्मी सक्सेना साहनी (संयुक्त सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय), डॉ राजेश सागर (प्रोफेसर एम्स और अध्यक्ष एनओसी समिति ), सुश्री मीनु अरोड़ा (काउंसलर, संस्कृत स्कूल), सुश्री सीमा खांडेकर (काउंसेलर एंड सोशल वर्कर), डॉ राजीव वर्श्नेय (डीआरडीओ, अभिभावक)और सुश्री प्रिया श्रीनिवासन (नर्तकी))

सभी विशषज्ञों ने समाज में एडॉप्शन के बारे में जागरुकता पैदा करने की आवश्यकता के बारे में चर्चा की, दत्तक लेने वाली एजेंसियों मे अधूरे दस्तावेजों को पूरा करने की प्राथमिकता और बाल केंद्रित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर डाला.


Panel
फैमिलीज़ ऑफ़ जॉय के सदस्यों ने गोद लेने के पहले, गोद लेने के बाद और किशोरों के मुद्दों पर लघु नाटक पेश किये

एक बुजुर्ग परिवार के सदस्य को गोद लेने पर बातचीत करने, स्कूल में एक बच्चे को अपनाने, एक किशोर बेटे और उसकी मां के बीच एक द्विपक्षीय संवाद, एक लड़की द्वारा उठाए गए पर माँ की प्रतिक्रिया जैसी भूमिकाएं पेश की गयीं.